हज़रत मौलाना सईदुर्रहमान आज़मी नदवीؒ और मौलाना समीम अशरफ़ؒ के निधन पर शोकसभा आयोजित जामिआतुस्सालिहात, कोंढवा, पुणे में उलमा ने पेश की ख़िराज-ए-अक़ीदत और जताया शोक
पुणे (हाफ़िज़ नियाज़ मेराजी):
पुणे शहर के कोंढवा स्थित मदरसा जामिआतुस्सालिहात में 14 अक्टूबर 2026, बुधवार को नमाज़-ए-इशा के बाद हज़रत मौलाना सईदुर्रहमान आज़मी नदवीؒ और मौलाना समीम अशरफ़ؒ के निधन पर एक गरिमामय शोकसभा आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता क़ारी इदरीस साहब ने की, जबकि शिया मसलक के प्रमुख धर्मगुरु मौलाना असलम रिज़वी साहब विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर फ़ैयाज़ साहब रिज़वी सहित पुणे शहर के अनेक प्रतिष्ठित उलमा ने शिरकत की।
शोकसभा में मौलाना शहाबुद्दीन साहब, मौलाना एहसान गोहर साहब, मौलाना एहसानुल्लाह साहब मुफ़्ती, मौलाना शाकिर साहब, मौलाना इस्लामुद्दीन साहब, हाफ़िज़ अब्दुल हमीद जलीस साहब, जनाब अब्दुल हमीद साहब इनामदार, हाफ़िज़ बिस्मिल्लाह साहब, डॉक्टर हाफ़िज़ शोएब साहब, जनाब साहिल आरिफ़ी साहब, यूसुफ़ ज़काती साहब और हाफ़िज़ नियाज़ मेराजी साहब सहित पुणे शहर के बड़ी संख्या में उलमा उपस्थित रहे।
शोकसभा का आगाज़ क़ारी शमशीर साहब की तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक से हुआ। इसके बाद नात-ए-रसूल ﷺ पेश की गई। कार्यक्रम का संचालन मुफ़्ती अफ़ज़ल क़ासमी साहब ने कुशलतापूर्वक किया।
इस अवसर पर हज़रत मौलाना सईदुर्रहमान आज़मी नदवीؒ और मौलाना समीम अशरफ़ؒ की इल्मी, दीनी और मिल्ली सेवाओं को याद करते हुए उन्हें ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया गया। वक्ताओं ने दोनों बुज़ुर्गों के निधन को इल्मी और दीनी जगत के लिए एक बड़ी क्षति क़रार दिया। उन्होंने उनकी बहुमूल्य सेवाओं, दीनी संघर्ष और इल्मी व मिल्ली कारनामों को याद किया। उपस्थित लोगों ने मरहूमीन की मग़फ़िरत, बुलंद दर्जात और उनके परिजनों के लिए सब्र-ए-जमील की दुआ की।
सभा के अंत में मौलाना अब्दुस्समद साहब ने संक्षिप्त दुआ कराई, जिसके साथ यह गरिमामय शोकसभा संपन्न हुई।
लेखक: हाफ़िज़ नियाज़ मेराजी
मोमिनपुरा, पुणे
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