प्रिंसिपल वाहिद बियाबानी को ज्ञानदीप जीवन गौरव पुरस्कार प्रदान
पुणे : (मुहम्मद जावेद मौला)
“विकसित भारत – पारंपरिक ज्ञान और सतत विकास : शिक्षकों की भूमिका” विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह – 2026 का सफल आयोजन चॉइस कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स, वारजे, पुणे तथा फाउंडेशन फॉर एजुकेशन एंड कम्युनिटी वेलफेयर, महाराष्ट्र राज्य के संयुक्त तत्वावधान में पदमजी हॉल, तिलक रोड, पुणे में जुमा 2 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ।
इस अवसर पर शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हाजी सालेह मोहम्मद तय्यबा यतीम खाना के पूर्व प्रिंसिपल शेख वाहिद कासम बियाबानी को ज्ञानदीप जीवन गौरव पुरस्कार – 2026 से सम्मानित किया गया।
इस संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शोधकर्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रसाद खंडागले ने शिक्षकों से पारंपरिक ज्ञान का प्रभावी उपयोग कर सामाजिक, शैक्षणिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आफताब अनवर शेख, प्राचार्य, चॉइस कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स, वारजे, पुणे ने की उन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका और नैतिक मूल्यों के महत्व को रेखांकित किया।इस समारोह में ज्ञानदीप उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार, युवा गौरव पुरस्कार, उत्कृष्ट विद्यालय पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्रदान किए गए। सांस्कृतिक सत्र में कैंप एजुकेशन – सायरस पूनावाला स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पोवाड़ा विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।कार्यक्रम का संचालन युवराज हरिदास ताटे ने किया, विलास लोंढे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कुल मिलाकर यह समारोह शिक्षक समुदाय के लिए प्रेरणादायी और विकसित भारत की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।


























