पुना कॉलेज में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मनाया गया

पुणे:(मोहम्मद जावेद मौला)
पुना कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग, इतिहास विभाग, बोर्ड ऑफ स्टूडेंट्स डेवलपमेंट एवं आईक्यूएसी द्वारा संयुक्त रूप से 18 दिसंबर 2025 को महाविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के उपलक्षा में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में अल्पसंख्यक समुदायों के संवैधानिक संरक्षण, अधिकारों एवं योगदान के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
कार्यक्रम का मुख्य वक्तव्य इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. जोहेब हसन द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने भारत एवं विश्व में अल्पसंख्यक अधिकारों के ऐतिहासिक विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अल्पसंख्यक हितों की सुरक्षा में संविधान की भूमिका पर बल देते हुए लोकतांत्रिक मूल्ों को बनाए रखने के लिए जागरूकता, सहिष्णुता एवं पारस्परिक सम्मान के महत्व को रेखांकित किया। उनका वक्तव्य ज्ञानवर्धक, विचारोत्तेजक एवं श्रोताओं द्वारा अत्यंत सराहनीय रहा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. इकबाल शेख ने अपने विचार व्यक्त किए तथा आयोजन में सहभागी सभी विभागों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अल्पसंख्यक अधिकारों, संवैधानिक मूल्यों, समानता एवं सद्भावना को बढ़ावा देने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने ऐसे शैक्षणिक प्रयासों को प्रोत्साहित किया, जो अकादमिक समुदाय को सामाजिक एवं मानवाधिकार संबंधी मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ औपचारिक स्वागत के साथ हुआ तथा डॉ. बाबा शेख ने कुशलतापूर्वक कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के महत्व एवं लोकतांत्रिक तथा बहुलतावादी समाज में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्कृत की। सम्पूर्ण कार्यक्रम का सफल समन्ब्रय राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. अहमद शमशाद द्वारा किया गया, जिनकी योजना एवं मार्गदर्शन से कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का समापन डॉ. शाकिर शेख द्वारा प्रस्तुत धन्मवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
विभिन्न विभागों के शिक्षकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने संस्थागत सहयोग एवं समावेशन तथा सामाजिक न्याय को प्रोत्साहित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रतिचिंबित किया।
समग्र रूप से यह कार्यक्रम अत्यंत सार्थक एवं सफल रहा, जिसने अल्पसंख्यक अधिकार दिवस की भावना को सुदृढ़ किया तथा संवैधानिक मूल्यों, विविधता एवं समावेशी शिक्षा के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि प्रदान की।


























