सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी को लेकर ‘ह्यूमन राइट्स जस्टिस एसोसिएशन’ आक्रामक; डीन को सौंपा ज्ञापन
सांगली और मिरज के सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं की भारी कमी के कारण गरीब मरीजों को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए ह्यूमन राइट्स जस्टिस एसोसिएशन (मिरज तालुका) ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन की ओर से आज, 30 दिसंबर को मेडिकल डीन डॉ. प्रकाश गुरव को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया और दवाओं की कमी के ठोस सबूत पेश करने की मांग की गई।
गरीब मरीजों पर पड़ रहा था आर्थिक बोझ
एसोसिएशन ने प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की अनुपलब्धता का फायदा निजी दुकानदार और एजेंट उठा रहे हैं। दवाओं के अभाव में गरीब मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही थीं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ह्यूमन राइट्स जस्टिस एसोसिएशन ने तुरंत हस्तक्षेप किया और मामले का फॉलो-अप लिया।
डीन ने दिया ठोस आश्वासन
ज्ञापन स्वीकार करने के बाद डीन डॉ. प्रकाश गुरव ने एसोसिएशन को भरोसा दिलाया कि अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “भविष्य में किसी भी मरीज को दवाओं की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और सभी जरूरी दवाएं अस्पताल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।” प्रशासन के इस सकारात्मक रुख से अब गरीब मरीजों को राहत मिलेगी।
ये गणमान्य रहे उपस्थित
इस अवसर पर तालुका समन्वयक रमेश भोसले, बी. आर. पाटिल, सुमन वाघमारे, अफजल शेख, प्रमोद जाधव, सुभाष कदम, सुहास गवने (खटल मेजर), सरफराज शेख, आसिफ मनियार सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्य और कार्यकर्ता मौजूद थे। जनहित में किए गए इस कार्य की जिले भर में सराहना हो रही है।


























