पुणे की पत्रकारिता का चमकता सितारा: उमराह की जियारत के बाद संपादक अजहर बाबा कादरी का ‘फूल-पान’ से इस्तकबाल!


पुणे की पत्रकारिता का चमकता सितारा: उमराह की जियारत के बाद संपादक अजहर बाबा कादरी का ‘फूल-पान’ से इस्तकबाल!

पुणे की सरजमीं पर पत्रकारिता की मशाल थामे ‘दैनिक मेरा भारत टाइम्स’ के युवा और जुझारू संपादक अजहर बाबा कादरी हाल ही में उमराह की मुकद्दस जियारत मुकम्मल कर वतन लौटे हैं। अल्लाह के घर माथा टेककर और रूहानी सुकून का पैगाम लेकर लौटे इस युवा कलमकार का कल सुरों और इबादत के एक साझा मंच पर शाही स्वागत किया गया।

कहते हैं कि “इंसान की असली अमीरी उसके ओहदे में नहीं, बल्कि उसके सजदे की सादगी में होती है।” इसी सादगी और नूर को अपने चेहरे पर समेटे जब अजहर बाबा पुणे पहुंचे, तो अपनों की मोहब्बत ने उनका इस्तकबाल किया।

मखदूमी शाह के मुबारक हाथों से सम्मान
अवसर था, हिंदुस्तान के बेताज कव्वाली बादशाह सुल्तान नाझा के निवास स्थान पर आयोजित ‘रोजा इफ्तार’ की रूहानी महफिल का। रमजान के इस पाक महीने में, जहाँ फिजाओं में दुआओं का पहरा था, वहाँ बुजुर्ग रहनुमा मौलाना शाह नजीरुद्दीन कादरी उर्फ मखदूमी शाह ने अपने मुबारक हाथों से अजहर बाबा कादरी को ‘फूल-पान’ पेश कर सम्मानित किया। यह केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक गुरु द्वारा एक सच्चे पत्रकार को दिया गया दुआओं का नजराना था।
पत्रकारिता और समाज के दिग्गजों का जमावड़ा इस खास मौके पर शहर की कई नामचीन हस्तियों ने अपनी मौजूदगी से इस इफ्तार की रौनक बढ़ाई। ‘प्रेस मीडिया लाइव’ के संपादक महबूब सर्जेखान की विशेष उपस्थिति के साथ ही:उस्मान कादरी * सलीम खान * सरफराज शेख * अब्दुल रज्जाक * मोहसिन सर्जेखान इनके अलावा शहर के अनगिनत रोजेदारों और गणमान्य व्यक्तियों ने इस खुशी के पल में शिरकत की। सुल्तान नाझा के आशियाने पर सजी यह महफिल महज रोजा खोलने का जरिया नहीं थी, बल्कि यह एकता, अखंडता और भाईचारे का वह जीता-जागता स्वरूप था, जिसे  ज्येष्ट पत्रकार मेहबूब सर्जेखान अपनी लेखनी से हमेशा अमर करते आए हैं। अल्लाह के दरबार से दुआएं लेकर लौटे अजहर बाबा कादरी की इस कामयाबी पर आज पूरे शहर की पत्रकारिता बिरादरी गर्व महसूस कर रही है।


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