शरीर की गंदगी बाहर फेंकें और साक्षात ‘आरोग्य’ का अनुभव करें! क्लींजिंग थेरेपी के इस महायज्ञ में शामिल हों!

वर्तमान कलियुग में इंसान ने घर की सफाई की, गाड़ियों का इंजन ऑयल बदला, लेकिन जिस देह के दम पर यह सारा संसार बसाया है, उस शरीर की ‘सर्विसिंग’ करना वह भूल गया। परिणाम क्या हुआ? शरीर में जमा गंदगी, विषैले तत्व और उनसे पैदा होने वाली अनगिनत बीमारियाँ! इन्हीं बीमारियों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए अब एक आधुनिक ‘महायज्ञ’ शुरू हुआ है, जिसका नाम है— ‘क्लींजिंग थेरेपी’।

क्रांति के जनक: डॉ. पीयूष सक्सेना और डॉ. राजेश
पुराने समय में हमने पंचकर्म की महिमा पढ़ी थी, लेकिन आधुनिक काल में इसे वैज्ञानिक और सरल रूप में प्रस्तुत करने का महान कार्य वरिष्ठ हेल्थ एडवाइजर डॉ. पीयूष सक्सेना ने किया है। पिछले 23 वर्षों से उन्होंने न केवल भारत में, बल्कि सात समंदर पार भी इस थेरेपी का झंडा फहराया है। उन्हें साथ मिला आयुर्वेदिक न्यूट्रिशन के निर्माता डॉ. राजेश का! इस जोड़ी ने पुणे, मुंबई, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर की मिट्टी से आरोग्य की यह अलख आम जनता तक पहुंचाई है।
तीन दिनों का कायाकल्प: क्या होता है इस कैंप में?
यह केवल एक कैंप नहीं, बल्कि शरीर का ‘कायाकल्प’ है। इस तीन दिवसीय निवासी शिविर में चरणबद्ध तरीके से शरीर को शुद्ध किया जाता है:
प्रारंभिक जांच: अत्याधुनिक मशीनों द्वारा आपके शरीर को ‘स्कैन’ किया जाता है। वर्तमान बीमारियाँ और भविष्य में होने वाले संभावित खतरे सामने आ जाते हैं।
लिवर क्लींजिंग (यकृत शुद्धि): यह इस प्रक्रिया की रीढ़ है। यह 24 घंटे की एक विधि है! एक बार नाश्ता-खाना हो जाने के बाद, अगले 24 घंटे केवल औषधीय काढ़े और जूस पर रहकर लिवर की सारी गंदगी बाहर निकाली जाती है।
अंग शुद्धिकरण: दूसरे दिन फेफड़े, किडनी और जोड़ों की क्लींजिंग की जाती है। जब शरीर से विषैले तत्व (Toxins) बाहर निकलते हैं, तब जो उत्साह महसूस होता है, उसे शब्दों में बयान करना कठिन है! ऐसा अनुभव होता है मानो आपका शरीर 20 साल जवान हो गया हो।
प्राकृतिक उपचार: न सर्जरी, न कड़वी दवाएं.!
आज के प्रदूषित आहार और जीवनशैली ने शरीर को खोखला कर दिया है। ऐसे में यह थेरेपी समाज के लिए एक ‘बड़ी सेवा’ है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए तो यह एक ‘वरदान’ साबित हो रही है। यहाँ न कोई सर्जरी है, न ही महँगी कड़वी दवाएँ! शास्त्रों पर आधारित प्राकृतिक आहार, फल, सब्जियां और ‘नेचरोपैथी’ पद्धति से तैयार किया गया डाइट चार्ट ही आपका असली डॉक्टर होता है।
मेरी विनम्र अपील…
यह आरोग्य जागरूकता अभियान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। समाज का हर वर्ग, चाहे वह व्यसनी हो या स्वस्थ, सभी को आज इस ‘क्लींजिंग’ की सख्त जरूरत है। स्वयं को शुद्ध करें, रोगमुक्त हों और एक नए उत्साह के साथ जीवन जीने के लिए तैयार हो जाएं!




























